PM Local Craft Tourism Mission
प्रस्तावना

भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर राज्य, हर शहर और हर गांव अपनी अलग संस्कृति, परंपरा और हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है। कहीं मिट्टी के बर्तन बनते हैं, कहीं लकड़ी की नक्काशी होती है, कहीं हाथ से बने कपड़े और कालीन पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि इन कारीगरों और उनकी कला को सही पहचान और बाजार नहीं मिल पाता। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए “PM Local Craft Tourism Mission” जैसे मिशन की अवधारणा सामने आती है, जिसका उद्देश्य स्थानीय हस्तशिल्प और पर्यटन को एक साथ जोड़कर रोजगार और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

यह मिशन इस विचार पर आधारित है कि जब पर्यटक किसी स्थान पर घूमने आते हैं तो वे केवल ऐतिहासिक इमारतें ही नहीं देखना चाहते, बल्कि वहां की संस्कृति, भोजन, कला और जीवनशैली को भी अनुभव करना चाहते हैं। यदि स्थानीय कारीगरों और कलाकारों को पर्यटन से जोड़ा जाए तो इससे उनकी आय बढ़ेगी और उनकी कला को भी नई पहचान मिलेगी।

मिशन का उद्देश्य

PM Local Craft Tourism Mission का मुख्य उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और छोटे उद्यमियों को पर्यटन से जोड़कर उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करना है। भारत में हजारों प्रकार के हस्तशिल्प और लोक कलाएं मौजूद हैं, लेकिन कई बार इनका सही प्रचार नहीं हो पाता। इस मिशन के माध्यम से इन कलाओं को देश और दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया जाता है।

इस मिशन के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार हैं:

  • स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं को बढ़ावा देना
  • कारीगरों और कलाकारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना
  • पर्यटन स्थलों के आसपास स्थानीय उत्पादों का बाजार विकसित करना
  • युवाओं को स्थानीय कला और पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार देना
  • भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना

स्थानीय कारीगरों के लिए अवसर

भारत में लाखों लोग ऐसे हैं जो पारंपरिक कला और हस्तशिल्प के माध्यम से अपना जीवनयापन करते हैं। इनमें मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार, हाथ से कपड़े बुनने वाले बुनकर, लकड़ी और पत्थर की नक्काशी करने वाले कलाकार, धातु के शिल्पकार और लोक कलाकार शामिल हैं।

PM Local Craft Tourism Mission के माध्यम से इन कारीगरों को सीधे पर्यटकों से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। जब पर्यटक किसी पर्यटन स्थल पर जाते हैं तो वहां उन्हें स्थानीय हस्तशिल्प के बाजार और प्रदर्शन देखने को मिलते हैं। इससे कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने का अच्छा अवसर मिलता है।

पर्यटन और हस्तशिल्प का संबंध

पर्यटन और हस्तशिल्प का संबंध बहुत गहरा है। जब कोई व्यक्ति किसी नए स्थान पर घूमने जाता है तो वह वहां से कुछ यादगार वस्तु लेकर आना चाहता है। यह वस्तु अक्सर स्थानीय हस्तशिल्प से बनी होती है। उदाहरण के लिए राजस्थान के रंगीन कपड़े और कठपुतली, कश्मीर के कालीन और शॉल, उत्तर प्रदेश के पीतल और लकड़ी के शिल्प, गुजरात के कढ़ाईदार कपड़े और मिट्टी के बर्तन दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।

यदि इन उत्पादों को पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया जाए तो इससे कारीगरों की आय कई गुना बढ़ सकती है। यही इस मिशन का मुख्य विचार है।
प्रशिक्षण और कौशल विकास

PM Local Craft Tourism Mission के अंतर्गत कारीगरों और युवाओं को प्रशिक्षण देने की भी व्यवस्था की जाती है। इसमें उन्हें आधुनिक डिजाइन, उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने के तरीके, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ऑनलाइन बिक्री के बारे में सिखाया जाता है।

इसके अलावा युवाओं को पर्यटन गाइड, हस्तशिल्प प्रदर्शनी आयोजक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रबंधन के लिए भी प्रशिक्षित किया जाता है। इससे उन्हें नए रोजगार के अवसर मिलते हैं।

स्थानीय बाजार और क्राफ्ट हाट

इस मिशन के अंतर्गत कई पर्यटन स्थलों पर “क्राफ्ट हाट” या “हस्तशिल्प बाजार” बनाए जाते हैं। इन बाजारों में स्थानीय कारीगरों को अपनी कला और उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है। पर्यटक यहां से सीधे कारीगरों से सामान खरीद सकते हैं।

इससे दो बड़े लाभ होते हैं। पहला, कारीगरों को बिचौलियों के बिना उचित मूल्य मिलता है। दूसरा, पर्यटकों को असली और पारंपरिक उत्पाद मिलते हैं।

ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा

भारत के कई गांव ऐसे हैं जहां की संस्कृति और हस्तशिल्प बहुत समृद्ध है। लेकिन वहां पर्यटन की सुविधाएं विकसित नहीं होने के कारण लोग वहां तक नहीं पहुंच पाते।

PM Local Craft Tourism Mission के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा दिया जाता है। गांवों में होमस्टे, हस्तशिल्प प्रशिक्षण केंद्र और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे गांव के लोगों को भी रोजगार मिलता है और उनकी आय बढ़ती है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग

आज के समय में डिजिटल तकनीक का महत्व बहुत बढ़ गया है। इस मिशन के तहत कारीगरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा जाता है ताकि वे अपने उत्पाद पूरे देश और दुनिया में बेच सकें।

ऑनलाइन मार्केटप्लेस और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से कारीगरों को नए ग्राहक मिलते हैं और उनका व्यापार बढ़ता है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

PM Local Craft Tourism Mission का प्रभाव केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक भी होता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलता है और उनकी जीवनशैली में सुधार होता है।

इसके साथ ही पारंपरिक कला और संस्कृति को भी संरक्षण मिलता है। कई ऐसी कलाएं जो धीरे-धीरे समाप्त हो रही थीं, उन्हें इस मिशन के माध्यम से नया जीवन मिल सकता है।
PM Local Craft Tourism Mission
ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें, कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं, उम्र सीमा और आधिकारिक वेबसाइट
योजना का परिचय

PM Local Craft Tourism Mission का उद्देश्य भारत के स्थानीय कारीगरों, कलाकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इस मिशन के माध्यम से सरकार कारीगरों को प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहायता देने का प्रयास करती है ताकि वे अपनी कला को देश और विदेश तक पहुंचा सकें। इस योजना के तहत युवाओं और कारीगरों को पर्यटन से जुड़े कार्यों जैसे हस्तशिल्प बिक्री, सांस्कृतिक कार्यक्रम, होमस्टे, और स्थानीय उत्पादों के व्यापार में भाग लेने का अवसर मिलता है।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
चरण 1 – आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

सबसे पहले सरकार के स्किल और रोजगार से जुड़े पोर्टल पर जाना होता है। सामान्यतः आवेदन इन सरकारी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है:

https://www.skillindia.gov.in
https://www.ncs.gov.in
https://www.india.gov.in

इन वेबसाइटों पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होता है।

चरण 2 – नया अकाउंट बनाएं

वेबसाइट खोलने के बाद “Register” या “Sign Up” विकल्प पर क्लिक करें।
इसके बाद अपनी जानकारी भरनी होती है जैसे:

पूरा नाम

मोबाइल नंबर

ईमेल आईडी

आधार नंबर

मोबाइल पर OTP आएगा जिसे दर्ज करके अकाउंट सत्यापित करना होता है।

चरण 3 – आवेदन फॉर्म भरें

रजिस्ट्रेशन के बाद लॉगिन करें और योजना से संबंधित आवेदन फॉर्म भरें। इसमें निम्न जानकारी मांगी जाती है:

व्यक्तिगत जानकारी

शिक्षा से संबंधित जानकारी

काम या कौशल से संबंधित जानकारी

बैंक खाते की जानकारी

निवास स्थान की जानकारी
चरण 4 – दस्तावेज अपलोड करें

फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करने होते हैं।

चरण 5 – फॉर्म सबमिट करें

सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें।
फॉर्म जमा होने के बाद एक Application Number मिलता है जिससे आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

इस योजना या इसी प्रकार की सरकारी योजनाओं में सामान्यतः ये दस्तावेज लगते हैं:

आधार कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

मोबाइल नंबर

बैंक पासबुक की कॉपी

निवास प्रमाण पत्र

आय प्रमाण पत्र

शैक्षणिक प्रमाण पत्र (10वीं / 12वीं / डिग्री)

जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

कौशल प्रमाण पत्र या कार्य अनुभव (यदि उपलब्ध हो)

उम्र सीमा

इस प्रकार की पर्यटन और रोजगार योजनाओं में आमतौर पर निम्न उम्र सीमा होती है:

न्यूनतम उम्र – 18 वर्ष
अधिकतम उम्र – 40 वर्ष

कुछ विशेष श्रेणियों के लिए उम्र सीमा में छूट भी मिल सकती है।

कौन आवेदन कर सकता है

इस मिशन में आवेदन करने के लिए सामान्य पात्रता इस प्रकार होती है:

भारत का नागरिक होना चाहिए

स्थानीय कारीगर, कलाकार या हस्तशिल्प से जुड़ा व्यक्ति

बेरोजगार युवा

पर्यटन या सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोग

छोटे व्यापार या स्वरोजगार शुरू करने वाले लोग

ऑफलाइन आवेदन कैसे करें

यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकता तो वह इन स्थानों पर जाकर आवेदन कर सकता है:

कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

जन सेवा केंद्र

जिला उद्योग केंद्र

कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र

यहां कर्मचारी ऑनलाइन फॉर्म भरने में मदद करते हैं।
योजना के लाभ

इस मिशन के माध्यम से कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं:

कारीगरों को प्रशिक्षण

हस्तशिल्प उत्पादों के लिए बाजार

पर्यटन से जुड़ा रोजगार

छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए सहायता

स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा


PM Local Craft Tourism Mission में वेतन कितना मिलता है और काम कितने साल का होता है
वेतन (Salary) कितना मिलता है

इस प्रकार के क्राफ्ट और टूरिज्म मिशन में वेतन काम के प्रकार, अनुभव और भूमिका पर निर्भर करता है। यह कोई एक फिक्स सरकारी नौकरी नहीं होती, बल्कि इसमें कई तरह के काम शामिल होते हैं जैसे कारीगर, पर्यटन गाइड, प्रशिक्षक, होमस्टे संचालक या हस्तशिल्प विक्रेता।

आमतौर पर संभावित आय इस प्रकार हो सकती है:

  1. पर्यटन गाइड (Tourism Guide)
    पर्यटन गाइड के रूप में काम करने पर लगभग 15000 से 30000 रुपये प्रति माह तक कमाई हो सकती है। बड़े पर्यटन स्थलों पर यह आय इससे भी अधिक हो सकती है।
  2. हस्तशिल्प कारीगर (Craft Artisan)
    जो लोग अपने बनाए हुए हस्तशिल्प उत्पाद बेचते हैं उनकी आय बिक्री पर निर्भर करती है। सामान्यतः 10000 से 40000 रुपये प्रति माह तक कमाई संभव हो सकती है।
  3. सांस्कृतिक कार्यक्रम कलाकार
    लोक नृत्य, संगीत या सांस्कृतिक कार्यक्रम करने वाले कलाकारों को एक कार्यक्रम के लिए 2000 से 10000 रुपये तक मिल सकते हैं।
  4. होमस्टे या छोटे होटल का व्यवसाय
    यदि कोई व्यक्ति अपने घर को होमस्टे के रूप में पर्यटकों को किराए पर देता है तो उसकी आय 20000 से 60000 रुपये प्रति माह तक भी हो सकती है, यह स्थान और पर्यटकों की संख्या पर निर्भर करता है।
  5. प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को स्टाइपेंड
    कुछ प्रशिक्षण कार्यक्रमों में युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान लगभग 5000 से 8000 रुपये प्रति माह तक स्टाइपेंड भी मिल सकता है।

काम कितने साल का होता है

इस प्रकार की योजना में आमतौर पर दो तरह की अवधि होती है।

  1. प्रशिक्षण अवधि
    प्रशिक्षण कार्यक्रम आमतौर पर 3 महीने से 1 साल तक का हो सकता है। इस दौरान लोगों को पर्यटन, हस्तशिल्प, मार्केटिंग और व्यवसाय से संबंधित कौशल सिखाए जाते हैं।
  2. रोजगार या व्यवसाय अवधि
    प्रशिक्षण पूरा होने के बाद यह कोई सीमित अवधि की नौकरी नहीं होती। व्यक्ति लंबे समय तक अपना काम या व्यवसाय कर सकता है। यानी यह स्थायी स्वरोजगार की तरह काम करता है।

काम की प्रकृति

इस मिशन के अंतर्गत काम सरकारी दफ्तर की नौकरी की तरह नहीं होता। यह अधिकतर स्वरोजगार और पर्यटन आधारित काम होता है। व्यक्ति अपनी कला, कौशल और व्यवसाय के आधार पर जितना बेहतर काम करेगा उतनी अधिक आय प्राप्त कर सकता है।
सीधी और सच्ची जानकारी यह है कि 2026 में “PM Local Craft Tourism Mission” नाम से कोई आधिकारिक सरकारी योजना का ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध नहीं है। अभी भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर इस नाम से आवेदन प्रक्रिया नहीं मिलती। इसलिए इस नाम से फॉर्म भरने की बात अक्सर इंटरनेट या वीडियो में गलत या अधूरी जानकारी हो सकती है।

लेकिन सरकार के पास कारीगरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों के लिए एक असली योजना चल रही है — Pradhan Mantri Vishwakarma Yojana। यह 2023 में शुरू हुई और अभी भी चल रही है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्प काम करने वालों को प्रशिक्षण, टूलकिट और लोन सहायता देना है।

2026 में फॉर्म भर सकते हैं या नहीं

हाँ, 2026 में भी आप PM Vishwakarma Yojana के लिए आवेदन कर सकते हैं क्योंकि यह कई सालों के लिए शुरू की गई योजना है और लाखों आवेदन पहले ही जमा हो चुके हैं।

लेकिन ध्यान रखें:

“PM Local Craft Tourism Mission” नाम से आधिकारिक फॉर्म अभी उपलब्ध नहीं है

असली आवेदन PM Vishwakarma Scheme या अन्य स्किल योजनाओं में होता है

असली सरकारी वेबसाइट जहाँ फॉर्म भर सकते हैं

आधिकारिक वेबसाइट:

https://pmvishwakarma.gov.in

यहीं पर रजिस्ट्रेशन और आवेदन किया जाता है।

आवेदन कहाँ से कर सकते हैं

CSC सेंटर (जन सेवा केंद्र)

पंचायत या नगर निगम कार्यालय

खुद मोबाइल से वेबसाइट पर

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आधार और मोबाइल OTP से जोड़ा है।

कौन आवेदन कर सकता है

इन कामों से जुड़े लोग आवेदन कर सकते हैं:

बढ़ई

लोहार

कुम्हार

सुनार

राजमिस्त्री

मूर्तिकार

बांस काम करने वाले

पारंपरिक कारीगर

उम्र सीमा

न्यूनतम उम्र: 18 वर्ष

अधिकतम उम्र: सामान्यतः कोई सख्त सीमा नहीं, लेकिन काम करने वाला कारीगर होना चाहिए
मिलने वाले लाभ

इस योजना में ये लाभ मिल सकते हैं:

5–7 दिन का बेसिक प्रशिक्षण

15 दिन का एडवांस प्रशिक्षण

रोज का ट्रेनिंग स्टाइपेंड

लगभग 15000 रुपये का टूलकिट

3 लाख रुपये तक का लोन (दो चरण में)

महत्वपूर्ण सावधानी

कई जगह फर्जी नौकरी और योजना के नाम पर धोखाधड़ी भी होती है, इसलिए हमेशा केवल सरकारी वेबसाइट या CSC से ही आवेदन करें
निष्कर्ष

PM Local Craft Tourism Mission भारत की सांस्कृतिक धरोहर और पर्यटन उद्योग को एक साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा सकता है। यदि इस प्रकार की योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो इससे लाखों कारीगरों और युवाओं को रोजगार मिल सकता है और देश की पारंपरिक कला को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सकती है।

भारत की असली पहचान उसकी संस्कृति, कला और परंपराओं में छिपी हुई है। जब इन सभी को पर्यटन से जोड़ा जाता है तो यह न केवल आर्थिक विकास का माध्यम बनता है बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को भी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखता है।

PM Local Craft Tourism Mission जैसे कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्थायी नौकरी देना नहीं बल्कि उन्हें कौशल, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराकर स्वरोजगार के अवसर पैदा करना होता है। इसमें कमाई का स्तर व्यक्ति के काम, स्थान और अनुभव पर निर्भर करता है, लेकिन सही तरीके से काम करने पर अच्छी आय प्राप्त की जा सकती है और लंबे समय तक रोजगार बना रह सकता है।

PM Local Craft Tourism Mission का उद्देश्य भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इस योजना के माध्यम से कारीगरों, कलाकारों और युवाओं को प्रशिक्षण, बाजार और आर्थिक सहायता मिल सकती है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरल है और इसे सरकारी वेबसाइट के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। सही दस्तावेज और जानकारी के साथ आवेदन करके लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और अपनी कला को देश-विदेश तक पहुंचा सकते हैं।

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